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सर्वाधिक संभावित दुर्घटना स्थलों का निरीक्षण करेंगे सड़क सुरक्षा मित्र

IMG 20251007 WA04743 2IMG 20251007 WA04743 2सागर/वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * कलेक्टर संदीप जी आर,जिला सागर के सतत प्रयासों से सागर जिला अंतर्गत सड़क सुरक्षा मित्रों का चयन किया जाकर माय भारत पोर्टल पर उनका पंजीयन किया गया है। सड़क सुरक्षा मित्रों का चयन संपूर्ण सागर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से, एनसीसी केडिटस तथा इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों में से किया गया है। पंजीयन उपरांत सड़क सुरक्षाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से आईआईटी, मद्रास के सहयोग से उन्हें अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम के तहत् विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के उपरांत माय भारत द्वारा चयनित युवक युवतियों को सागर जिले के विभिन्न ब्लैक स्पाॅटस (सर्वाधिक दुर्घटना संभावित स्थल) पर जाकर मैदानी निरीक्षण करेगें तथा इस आशय की रिपोर्ट तैयार करेगें कि लगातार एक्सीडेण्ट के पीछे क्या कारण है। जैसे-रोड इंजीनियरिंग का सही नहीं होना, संकेतकों का अभाव, तेज गति या ट्रेफिक प्रबंधन संबंधी कमियां।सड़क सुरक्षा मित्रों द्वारा तैयार की गई डेटा आधारित रिपोर्ट को जिला सड़क सुरक्षा समिति जिला सागर के समक्ष प्रस्तुत किया जावेगा। जिससे सड़क दुघर्टनाओं को रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी निर्णय लिये जायेगें।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं का सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भागीदार बनाना, उन्हें जमीनी हकीकत का अनुभव प्रदान करना, तकनीकी ज्ञान ओर नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाना है।
परिवहन आयुक्त , मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर, सागर द्वारा यात्री बसों/स्कूल बसों एवं अवैध संचालित वाहनों की चैकिंग संबंधी कार्यवाही किये जाने के दिये गये निर्देश के अनुक्रम में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर द्वारा चैकिंग के दौरान पांच यात्री बसों में अग्निशमन यंत्र एवं अन्य सुरक्षा संबंधी उपाय नही होने से उन वाहनों के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत् कार्यवाही करते हुए रू. 25500/- का जुर्माना वसूल किया गया। जप्त की गई यात्री बसों में तीन सामान्य श्रेणी की यात्री बसें तथा दो स्लीपर कोच यात्री बसें है। एक यात्री बस में निर्गम हेतु दूसरा दरवाजा नहीं पाया गया, जिस कारण उक्त वाहन की फिटनेस निरस्त की गई। एक यात्री वाहन बिना परमिट के संचालित होती पाई गई। एक अन्य यात्री बस में पीछे की ओर कांच पर लोहे की जाली लगी पाई गई, जिसे तत्काल निकलवाया गया, तथा निर्धारित मानक एवं क्षमता के अग्निशमन यंत्र नहीं पाये गये। दो स्लीपर बसों में चार इमरजेंसी गेट न होने पर तथा निर्धारित मानक एवं क्षमता के अग्निशमन यंत्र नहीं पाये गये। इस प्रकार उपरोक्त 05 यात्री बसों को जप्त कर कार्यालय परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया।
एक यात्री बस में इमरजेंसी गेट पर लगी सीटों को मौके पर निकलवाकर जप्त कर कार्यालय में सुरक्षार्थ रखा गया। ड्रायवर के पीछे के पार्टीसन पर लगे दो गेट मौके पर निकलवाकर जप्त किये गये। समस्त स्लीपर कोच यात्री बस संचालकों के साथ जो बैठक की गई थी, उसमें स्लीपर कोच यात्री बसों में एआईएस-119 के अनुरूप सुधार करने के निर्देश दिये गये थे। यदि कोई भी यात्री बस निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जावेगी तो उसके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 के विभिन्न प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

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